मुंबई के लिए सीजन में पहला अवसर था जब उसके खिलाड़ियों ने खेल के तीनों विभाग में शानदार प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने जोस बटलर के अर्धशतक के बावजूद राजस्थान को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया। वहीं, फील्डिंग में खिलाड़ी पहले से ज्यादा चुस्त दिखे।

आईपीएल में प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी मुंबई इंडियंस की टीम ने दूसरी टीमों का खेल बिगाड़ना शुरू कर दिया है। उसने पहला शिकार राजस्थान रॉयल्स को बनाया। मुंबई ने शनिवार (30 अप्रैल) को राजस्थान के खिलाफ 5 विकेट से जीत हासिल की। यह नौ मैचों में उसकी पहली जीत है। दूसरी ओर, राजस्थान की टीम सीजन में तीसरी बार हारी है। वह अंक तालिका में दूसरे और मुंबई 10वें स्थान पर है।

मुंबई के लिए सीजन में पहला अवसर था जब उसके खिलाड़ियों ने खेल के तीनों विभाग में शानदार प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने जोस बटलर के अर्धशतक के बावजूद राजस्थान को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया। वहीं, फील्डिंग में खिलाड़ी पहले से ज्यादा चुस्त दिखे। बल्लेबाजी में सूर्यकुमार यादव तीसरे क्रम पर वापस लौटे और अर्धशतक लगा दिया। टिम डेविड की वापसी हुई तो उन्होंने मैच फिनिश करके दिया।

मैच में टर्निंग पॉइंट: सैमसन की खराब कप्तानी: मुंबई ने छह ओवर में दो विकेट गंवा दिए थे। उसके खाते में सिर्फ 41 रन थे। ऐसे में राजस्थान की टीम के पास पावरप्ले के बाद विपक्षी पर दबाव बनाने का बेहतर मौका था, लेकिन कप्तान संजू सैमसन ने इसे गंवा दिया। उन्होंने सातवें ओवर में न्यूजीलैंड के डैरेल मिशेल को गेंदबाजी सौंपी।

मिशेल ने इस आईपीएल में कम ही मौकों पर गेंदबाजी की। उनके ओवर में 20 रन बन गए। सूर्यकुमार यादव ने तीन चौके और तिलक वर्मा ने एक छक्का लगाया। यहां से मैच मुंबई की ओर मुड़ गया। मिशेल को ओवर कराने वाले सैमसन ने बोल्ट से चार ओवर पूरे भी नहीं करवाए। बोल्ट ने तीन ओवर में 26 रन देकर एक विकेट लिए थे।

दोनों कप्तानों का प्रदर्शन: सबसे पहले संजू सैमसन की बात करें तो बल्लेबाजी में एक बार फिर से वो फेल रहे। सात गेंदों पर 16 रन बनाए। अच्छी शुरुआत के बाद उन्होंने फिर से विकेट गंवा दिया। फील्डिंग के दौरान उनकी कप्तानी में भी कई कमियां देखने को मिली। डैरेल मिशेल से एक ओवर करा दिया, लेकिन ट्रेंट बोल्ट के चार ओवर पूरे नहीं होने दिए। अगर बोल्ट आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करते तो नतीजा कुछ और हो सकता था।

रोहित शर्मा को देखें तो फील्डिंग के दौरान उन्होंने बेहतरीन काम किया। जोस बटलर को 15वें ओवर तक बांधे रखा। दूसरे छोर से लगातार विकेट लेते रहें। गेंदबाजों को सही से रोटेट किया। इसका फायदा टीम को मिला। हालांकि, बल्लेबाजी में रोहित के लिए यह मैच निराशाजनक रहा। उन्होंने पांच गेंद पर सिर्फ दो रन बनाए। रविचंद्रन अश्विन ने उन्हें पवेलियन भेज दिया।